
दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि
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1. शुद्ध और असली रुद्राक्ष का चयन करें:
- दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पहले उसकी असलियत सुनिश्चित करें।
- इसे प्रमाणित और विश्वसनीय विक्रेता से खरीदें।panditbazar.com
2. रुद्राक्ष का शुद्धिकरण करें:
- रुद्राक्ष को एक रात के लिए गंगाजल और गाय के दूध में रखें।
- अगले दिन इसे साफ पानी से धोकर किसी स्वच्छ कपड़े से पोंछ लें। panditbazar.com
3. पूजन विधि:
- सोमवार या किसी शुभ दिन को दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना सबसे उपयुक्त माना जाता है।
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर के सामने रुद्राक्ष को रखें।
- रुद्राक्ष पर गंगाजल, शहद और कुमकुम अर्पित करें।
- धूप-दीप जलाकर नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करें। panditbazar.com
जाप करने के मंत्र:
- "ॐ नमः शिवाय" (108 बार) panditbazar.com
- "ॐ ह्रीं नमः" (बीज मंत्र) panditbazar.com
4. रुद्राक्ष को धारण करें:
- रुद्राक्ष को लाल धागे, चांदी या सोने की चेन में पिरोकर पहनें।
- इसे गले में या दाहिने हाथ में धारण करना उचित है।
5. धारण करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:
- रुद्राक्ष को धारण करने के बाद मांसाहार और नशे से बचें।
- इसे हमेशा साफ और पवित्र रखें।
- प्रतिदिन "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें।
- रुद्राक्ष को समय-समय पर गंगाजल से धोकर शुद्ध करें।
दो मुखी रुद्राक्ष के लाभ:
- यह भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीक है।
- यह विवाहिक जीवन में सामंजस्य, शांति और प्रेम को बढ़ाता है।
- मानसिक शांति, आत्मविश्वास और संबंधों में मजबूती प्रदान करता है।
दो मुखी रुद्राक्ष को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ धारण करें। इससे आपके जीवन में सुख और शांति का संचार होगा। panditbazar.com
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